जय श्री राधारमण लाल जू की, महाराज श्री किसी भी परिचय के मोहताज नहीं है, और महाराज जी के विषय में मैं कुछ भी कहु तो वह सूर्य के सम...
जय श्री राधारमण लाल जू की,
महाराज श्री किसी भी परिचय के मोहताज नहीं है, और महाराज जी के विषय में मैं कुछ भी कहु तो वह सूर्य के समक्ष दीप जलाने जैसे होगा, किन्तु अपने मन के भाव को शब्द रूप में न लिखू तो मेरे उदर में पीड़ा हो जाती है, इसलिए लिख रहा हूँ, महाराज श्री अपने आप में एक ऐसा व्यक्तित्व से धनी है जो शायद ही कही देखने को मिले, स्वभाव से अत्यंत सरल, आनंददायी और गहन विषयो में अत्यंत धीर गंभीर है,महाराज श्री के ज्ञान की अविरल धारा प्रवाह में अत्यंत कठिन से कठिन और गूढ़ रहस्य भी बड़ी सरलता और सहजता से समझे जा सकते है, आप श्री की वाणी में जो ओज और गंभीरता है, वह हर किसी के मानस पटल पर घर कर लेती है, आप श्री अपने भक्तो के दिल. दिमाग और हृदय पर राज करते है, जो आप श्री से एक बार मिल लेता है आपका आजीवन दास बन जाता है,
युवा वर्ग के लिए महाराज जी एक प्रेरणा स्त्रोत है, आपका ज्ञान युवा वर्ग को एक नयी दिशा की और अग्रसर करता है, एक पूर्ण मार्गदर्शक के रूप में आप का व्यक्तित्व युवा वर्ग के लिए वरदान है, बड़े से बड़े और गूढ़ से गूढ़ विषयो को आप बहुत ही सहज और सरलता से जोकि आज के समय से सरोकार भी रखते हो अर्थात practically beneficial हो ऐसे समझा देते है, चाहे प्रबंधन का विषय हो, चाहे आज के युग की टेक्नोलॉजी या कोई भी सामाजिक जीवन आदि से सम्बंधित विषय हो आपश्री अत्यन्य मनमोहनी वाणी से अत्यंत सरल और ग्राह्य बना देते है,
महाराज श्री जी भारतीय संस्कृति को चार चाँद लगा रहे है, एक हाथ में प्रभु भक्ति की माला और एक हाथ से लैपटॉप का प्रयोग अर्थात हमारी संस्कृति और आधुनिक ज्ञान का सामंजस्य को पूर्ण योग्यता से करते है, आपश्री अपने ज्ञान से एक ओर हम सभी के लिए भारतीय संस्कृति के प्रेरणा स्त्रोत है तो दूसरी ओर आधुनिक ज्ञान ओर टेक्नोलॉजी के उपयोग का भी प्रोत्साहन देते है, आधुनिक युग में हम कही पीछे न रह जाए औऱ अपनी भारतीय संस्कृति, भजन औऱ भाव को भी न भूल जाए ऐसी प्रेरणा हम सबको देते है, जीवन के महत्वपूर्ण तथ्यों में विषम परिस्थितियों से लड़ने की प्रेरणा औऱ सहज जीवन की प्रेरणा बहुत ही अद्भुत तरीके से हमे सिखाते है,
महाराज श्री मुझ दास ने तिल मात्र जो भी आपके विषय में लिखने का प्रयास किया इसमें जो भी अच्छा है वही आपका है, कोई भी दोष है तो वह आपके इस बालक की अज्ञानता है, जय श्री राधे
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