आ जा , आ जा , कन्हैया आ जा , आ जा, कन्हैया देर क्यों इतना किया , देर क्यों इतना किया.. धन यौवन नारी पायो सम्पति भारी याद...
आ जा , आ जा , कन्हैया
आ जा , आ जा, कन्हैया
देर क्यों इतना किया , देर क्यों इतना किया..
धन यौवन नारी पायो सम्पति भारी
याद तेरी कभी ना आयी हमे ,
काम शुभ ना किया, पाप नित ही किये
तेरी भक्ति भी करनी ना आयी हमे
मेरी नैया ये कही डूब ना जाए,
यही देर क्यों इतना किया.
आ जा , आ जा , कन्हैया
आ जा , आ जा, कन्हैया
देर क्यों इतना किया , देर क्यों इतना किया..
देह बनता तू ही, देह मिटाता तू ही
सारे जग का ये भाग्य विधाता तू ही
अब मैय जाऊ कहु मेरा कोई ना यहाँ
मेरे माता पिता और बंधु तू ही,
हम जो भूले तुम्हे, तुम ना भूले हमे
देर क्यों इतना किया .....
आ जा , आ जा , कन्हैया
आ जा , आ जा, कन्हैया
देर क्यों इतना किया , देर क्यों इतना किया..
अब ना देरी करो पाप मेरे हरो ...
पास अपने प्रभु जी बुला लो हमे
तोरी बिनती कुरु तोरी पैया पडू
दास चरणों का हमको बना लो प्रभु
हम हेय दास तेरे तेरे ही द्धार खड़े
देर क्यों इतना किया देर क्यों इतना किया ....
आ जा , आ जा , कन्हैया
आ जा , आ जा, कन्हैया
देर क्यों इतना किया , देर क्यों इतना किया..
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